Tauktae के बाद देश पर अब Cyclone Yaas का खतरा मंडरा रहा है

तूफान ताऊ ते के बाद देश पर अब चक्रवात यास का खतरा मंडरा रहा है। यह आज दोपहर को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट से टकराएगा। 

ओडिशा के भुवनेश्वर, चांदीपुर और बंगाल के दिघा समेत कई इलाकों में मंगलवार से ही बारिश शुरू हो गई है। वहीं तूफान को लेकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अलावा बिहार-झारखंड में भी अलर्ट जारी किया गया है।

चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल के शंकरपुर-दिघा बीच पर समुद्र का जलस्तर बढ़ गया है। मौसम में बदलाव के साथ भारी बारिश की आशंका है। कुछ जगहों पर बारिश शुरू हो चुकी है। कोलकाता में सेना के 9 बचाव दल को तैनाती के लिए तैयार रखा गया है। इनके अलावा 17 दल को पुरुलिया, झारग्राम, बीरभूम, बर्धमान, पश्चिम मिदनापुर, हावड़ा, हुगली, नादिया के साथ 24 परगना उत्तर और दक्षिण में तैनात किया गया है।

बंगाल के ईस्ट मिदनापुर में चक्रवात के दौरान एक्सीडेंट से बचाने ट्रेनों को चैन से बांधा गया।
ओडिशा से 200 किमी दूर मिली चक्रवात की लोकेशन
यास चक्रवात ने सोमवार रात से खतरनाक रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग भुवनेश्वर के डायरेक्टर एचआर बिस्वास के मुताबिक, चक्रवात कल दोपहर में बालासोर के दक्षिण और धमरा के उत्तरी पोर्ट से टकरा सकता है।

पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ कोलकाता के अलीपुर स्थिति मौसम विभाग के ऑफिस पहुंचे। यहां उन्होंने चक्रवात से निपटने के लिए मौजूद साधनों का जायजा लिया।
 
वहीं आपको बता दे की पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना के नैहाटी और हलिशहर में कई घरों को नुकसान पहुंचा। कई बिजली के खंभे और तारों को भी नुकसान पहुंचा। एक महिला ने बताया कि हमने 2-3 महीने पहले घर बनाया था, जब अचानक तूफान आया तो 2 सेकेंड में ही सब कुछ उड़ गया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 11.2 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। हालिशहर में 40 हजार से ज्यादा घरों को नुकसान हुआ। इस दौरान 4-5 लोग घायल भी हुए। 

वहीं आपको बताते चले की 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। यास तूफान के पारादीप और सागर आइलैंड के बीच बुधवार को टकराने के आसार हैं। इसके असर से 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और 2 मीटर से 4.5 मीटर तक लहरें उठ सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि समुद्र तट से टकराने से पहले यास काफी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। समुद्र तट से गुजरने के बाद बुधवार दोपहर तक इसका असर और बढ़ने की आशंका है।

ओडिशा के 6 जिले हाई रिस्क जोन घोषित। यास तूफान को देखते हुए पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आपदा राहत की टीमें तैनात हैं। एयरफोर्स और नेवी ने भी अपने कुछ हेलिकॉप्टर और नावें राहत कार्य के लिए रिजर्व रखे हुए हैं। तूफान को लेकर ओडिशा के बालासोर, भद्रक, केंद्रपारा, जगतसिंघपुर, मयूरभंज और केओनझार जिले हाई रिस्क जोन घोषित किए गए हैं।

हुगली से भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने पीड़ित लोगों से मुलाकात की। बंगाल में 10 लाख लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए जा रहे। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, हुगली में बुधवार को 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना के तटीय इलाकों में 90 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। ये रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि राज्य सरकार 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी है। उनका कहना है कि यास का असर अम्फान तूफान से भी काफी ज्यादा होगा। 

यास तूफान को लेकर बिहार और झारखंड में भी अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग पटना ने सोमवार को कहा कि अगले 2-3 दिनों में राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने 27 और 28 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। उधर झारखंड में यास को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के दक्षिणी और केंद्रीय इलाकों में बुधवार और गुरुवार को तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी सिंघभूम और रांची जिलों में NDRF की टीमें भी तैनात कर दी गई हैं।