साइक्लोन को लेकर कई राज्य में अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बन रहा लो प्रेशर Yaas साइक्लोन को लेकर कई राज्य अलर्ट आइए जानते हैं पूरी खबर विस्तार से

चक्रवाती तूफान ताउते ने गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, समेत  पश्चिम हिस्से के कई राज्यों में अपना असर दिखाया। महाराष्ट्र गुजरात में सबसे अधिक तबाही देखने को मिली, वहीं इस तूफान का असर दिल्ली एनसीआर में भी देखने को मिला जहां लगातार बारिश हुई है । तूफान के गुजर जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल मॉनसून को लेकर खड़ा हुआ है, कि क्या मॉनसून पर कोई फर्क पड़ेगा या नहीं। 

दरअसल तूफान ताउते  अरब सागर से एंट्री ली थी , वहीं अब बंगाल की खाड़ी से तूफान यास आने के लिए तैयार है। एक्सपोर्टस  की इन दोनों तूफान ने मौके पर असर पर अलग-अलग राय है,   लेकिन नतीजा यही है कि इससे कोई लॉन्ग टर्म असर नहीं पड़ने वाला है। 

मुख्य कारण यह है कि मॉनसून का अपना एक बड़ा असर रहता है , जो  हर साल की प्रतिक्रिया है । वह सिर्फ किसी एक हिस्से नहीं बल्कि  बड़े इलाके को कवर करता है। वहीं चक्रवाती तूफानों की स्थिति अलग है जो कुछ दिनों तक एक निश्चित इलाके में ही अपना असर दिखाती है। 

ताउते  का गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, दमन दीव में असर दिखा, यहां प्रवेश करने के बाद इसने राजस्थान, यूपी, हरियाणा दिल्ली में भी असर दिखाया। लेकिन, अब ये तूफान शांत हो गया है। यानी पश्चिमी इलाकों में मई के आखिर में जो मॉनसून की हलचल शुरू होती है, उससे पहले ही तूफान खत्म हो गया है। ऐसे में इसका कोई बड़ा असर नहीं दिखेगा। 

मौसम का हाल बताने वाली एजेंसी स्काईमेट जीपी शर्मा के मुताबिक,  ताउते  का असर पूरी तरह खत्म हो चुका है। ऐसे में अरब सागर में जो इसका इंपैक्ट था , वो मॉनसून आने से पहले ही जा चुका है । ऐसे में मॉनसून की बारिश पर इसका कोई खास असर नहीं रहने वाला है। 

साइक्लोन यास को लेकर भी कुछ एेसा ही  अनुमान है। 
22 मई से इसका असर बंगाल की खाड़ी में दिखेगा, लेकिन 27 मई तक पूरी तरह खत्म भी हो जाएगा। वरिष्ठ पत्रकार के जेनामणि   का कहना है , कि साइक्लोन यास का मॉनसून पर ना के बराबर फर्क पड़ेगा, लेकिन अगर पड़ता भी है तो सिर्फ मॉनसून कुछ जल्दी ही आ सकता है, लेकिन मॉनसून की देरी का कोई सवाल ही नहीं है। 

आपको बता दें कि साइक्लोन ताउते के महाराष्ट्र, गुजरात में तबाही मचाने के बाद दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत का मौसम बदल गया है । दिल्ली एनसीआर में बुधवार से ही लगातार बारिश हो रही है और तापमान में काफी कमी आई है।