बढ़ते वजन को कम करने मे बड़ा फायदेमंद है  पपीता, जानिये इसके फायदे

बढ़ते वजन को कम करने मे बड़ा फायदेमंद है  पपीता, जानिये इसके फायदे

अगर आप  बढ़ते वजन से परेशान है   तो ऐसे में आपके लिए  पपीता  उपयोगी  हो सकता है. आप पपीते को अपनी डायट में शामिल करके आसानी से अपना  वजन कम कर सकते हैं  और  साथ ही साथ इससे आपकी बढ़ी हुई यूरिक एसिड भी कम हो जाएगी. पपीता एंटीऑक्सीडेंट और खनिजों से भरपूर होता है. इसमें कैलोरी की मात्रा भी कम होती है. आइये  जानते हैं पपीते के फायदे ...

पपीता यूरिक एसिड वालों के लिए बहुत फायदेमंद है.  पपीते में कई गुण हैं. यूरिक एसिड वालों के लिए इसका जूस बहुत फायदेमंद  है. इसके अलावा पपीताा वजन कम करने में भी मदद  करता  है. पपीता शरीर की एक्सट्रा कैलोरी को कम करने में सहायता भी  करता है.

जब हम प्यूरिन युक्त चीजें खाते हैं तो यह हमारे शरीर में पहुंचता है. इसके अलावा इसका निर्माण शरीर की कोशिकाओं द्वारा भी होता है. यही पयूरिन बाद में यूरिक एसिड में बदल जाता है.  इसकी अधिकतर मात्रा रक्त में मिल जाती है. वहीं बाकि  यूरिन के माध्यम से शरीर से बाहर आ जाती है. यूरिक एसिड बढ़ने की स्थिति में हमारा शरीर जरूरत से ज्यादा प्यूरिन को तोड़कर यूरिक एसिड का निर्माण करने लगता है और नहीं तो इसे हमारा रक्त सही तरीके से फिल्टर नहीं कर पाता है. जिसके वजह से यह शरीर के अंदर रहकर ही बढ़ता चला जाता है.

क्या है यूरिक एसिड जानिए : यूरिक एसिड बढ़ जाना एक ऐसी बीमारी है जिसके शुरूआती लक्षण बिल्कुल आम होते हैं. आपके हाथ, पैर में उठने वाले दर्द और बारबार लग रही थकान ही इसकी मुख्य वजह है. जिसे शुरूआत में हम आम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. इसकी पहचान तब होती है जब यह आपपर भारी  बनने लगता है मतलब यह दर्द आपको कई दिनों तक लगातार परेशान करने लगता है.

यूरिक एसिड को कंट्रोल करे पपीता का जूस: कच्चा पपीता एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लामेट्री गुणों से भरपूर होता है. जिसके कारण यह मरीजों के जोड़ों में दर्द से राहत दिलाता है.

इसके अलावा बढ़े हुए यूरिक एसिड के कारण ऐसा पाया गया है कि कई मरीजों का वजन बढ़ने लगता है या वजन बढ़ने के कारण यूरिक का भी खतरा बढ़ जाता है. दोनों ही हालातों में पपीता में पाए जाने वाले फाइबर की मात्रा उनके लिए लाभकारी साबित हो सकती है.

इसके लिए आप प्रतिदिन एक ग्लास पपीते का जूस पिएं. डॉक्टरों का मानना है कि इससे बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है.

पपीता कई गुणों से भरपूर होता है, आइये जानते है पपीता खाने से होने वाले कुछ खास लाभो के बारे मे.

1.गुड आई हेल्थ

पपीते मे  Vitamin -A  तथा  एंटीऑक्सिडेंट  होता  है, जो आंखों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। विटामिन ए कॉर्निया की सुरक्षा करता है जबकि एंटीऑक्सिडेंट रेटिना की सुरक्षा करता  हैंl
यह फल आँखो की सुरक्षा के लिए बहुत ही ज्यादा उपयोगी है l

2. पाचन में सहायता करता है

 पपीते में कई एंजाइम होता  हैं जो खाद्य पदार्थों को तोड़ने में मदद करते हैं और पाचन तंत्र को गति देने वाले ऊतकों की रक्षा करते हैं। पपीता खाना को पचाने मे भी मदद करता है.

3. त्वचा को स्वस्थ और चमकीला बनता है

स्वस्थ और चमकती त्वचा के लिए, पपीते को अपने रोज  आहार में शामिल करें। यह विटामिन ए, विटामिन सी, प्लस विटामिन ई के साथ पैक किया जाता है जो काफी बड़ी एंटीऑक्सीडेंट खुराक प्रदान करते हैं। यह त्वचा को हल्का और चमकदार बनाता है। AHA त्वचा से मृत कोशिकाओं की परत के निर्माण को हटाने में मदद करता है और कोशिका के ऊतकों को फिर से जीवंत करता है. पपीता त्वचा को मोटा और मजबूत बनाता है।


4. रोग प्रतिरक्षा को बढ़ावा देता है
पपीता खाने का एक महत्वपूर्ण फायदा यह भी है की यह रोगों से लड़ने की छमता को बढ़ता है.

5. वजन घटाने
में मदद करता है
पपीता वजन घटाने मे भी मदद करता है.
पपीता कैलोरी में बहुत कम होता है. एक स्वस्थ पाचन तंत्र और प्रतिरक्षा प्रणाली के साथ ही पपीता वजन घटाने में मदद करता  हैं। प्राकृतिक फाइबर शरीर को डिटॉक्स करते हैं और इसे साफ करते हैं, इस तरह , शरीर को स्वस्थ और फिट रखते हैं। एक मुट्ठी  पपीते के बीज वजन घटाने में भी मदद कर सकते हैं।

6.बेहतर गुर्दा स्वास्थ्य
 
पपीते में मौजूद पोटेशियम किडनी को सवस्थ रखने मे बहुत  मदद करता  है। यह गुर्दे में जमा विषाक्त पदार्थों को साफ करता है और रक्त में यूरिक एसिड के संचय को कम करता है। पपीते के बीज किडनी को स्वस्थ रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

7.मधुमेह रोगियों के लिए बढ़िया है

पपीता  उष्णकटिबंधीय फल है, यह  अपनी मिठास के लिए जाना जाता है, यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छा मना जाता है  जिन्हें मधुमेह है. मिठास प्राकृतिक है और अन्य फलों के विपरीत इसमें शर्करा की मात्रा कम होने के साथ-साथ ग्लूकोज की मात्रा   भी कम होता है।मधुमेह के रोगियों को पपीते का सेवन करना चाहिए.

8.बेहतर हृदय स्वास्थ्य

एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोकेमिकल्स से भरपूर, पपीता दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है और दिल की बीमारियों से लड़ने में मदद करता है जो आपके रास्ते में आ सकती हैं। साथ ही विटामिन सी, फाइबर और पोटेशियम स्वस्थ रक्त प्रवाह को बढ़ावा देते हैं और धमनियों को स्वस्थ रखते हैं। कोलेस्ट्रॉल के रखरखाव से कई हृदय रोगों को दूर करने में मदद मिलती है। इसलिए, पपीते के एक स्वस्थ आहार सहित बहुत महत्वपूर्ण है।

अस्थमा की रोकथाम- पपीता के रोज सेवन से अस्थमा की बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है.
अस्थमा के बीमारी  का खतरा  उन लोगों में कम होता है जो  पोषक तत्वों की अधिक मात्रा का सेवन करते हैं। इनमें से एक पोषक तत्व बीटा-कैरोटीन है , जो पपीता मे पाए जाते है.

पपीता कैंसर के खतरे को कम करता है -
पपीते में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट बीटा-कैरोटीन का सेवन करने से कैंसर का खतरा कम हो सकता है। 

हड्डी का स्वास्थ्य-
 आपको अपने स्वास्थ्य को अच्छा रखने के  लिए पर्याप्त मात्रा मे  विटामिन K का सेवन जरूरी  है. पपीता विटामिन K का अच्छा स्रोत है. यह हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है.


दिल की बीमारी -
पपीते में मौजूद फाइबर, पोटैशियम और विटामिन की मात्रा दिल की बीमारी को दूर करने में मदद करती है। सोडियम सेवन में कमी के साथ-साथ पोटेशियम के सेवन में वृद्धि सबसे महत्वपूर्ण आहार परिवर्तन है जो एक व्यक्ति हृदय रोग के अपने जोखिम को कम करने के लिए कर सकता है।

याददास्त मजबूत रखने मे सहायक -
चोपन पपीते में पाया जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बहुमुखी पोषक तत्व है जो हमारे शरीर को नींद, मांसपेशियों की गति, सीखने और याददाश्त में सहायता करता है। 

बालों का स्वास्थ्य-
पपीता बालों के लिए भी बहुत अच्छा है क्योंकि इसमें विटामिन ए, सीबम उत्पादन के लिए आवश्यक पोषक तत्व होता है, जो बालों को नमीयुक्त रखता है। त्वचा और बालों सहित सभी शारीरिक ऊतकों की वृद्धि के लिए विटामिन ए भी आवश्यक है। विटामिन सी का पर्याप्त सेवन, जो पपीता प्रदान कर सकता है, कोलेजन के निर्माण और रखरखाव के लिए जरूरी है.

पोषण-
पपीते विटामिन सी का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं, और एक एकल मध्यम फल अनुशंसित दैनिक सेवन का 224 प्रतिशत प्रदान करता है।

नोट - अच्छे  स्वास्थ्य के लिए किसी भी फल या दवा के इस्तेमाल से पहले एक बार डॉक्टर या डाइटिशियन की राय जरूर ले.