कांग्रेस भी बनाएगी 'सोशल मीडिया आर्मी'

कांग्रेस भी बनाएगी 'सोशल मीडिया आर्मी'

आज के युग में सोशल मीडिया की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है यह कांग्रेस को समझ में आ चुकी है. यही वजह है कि भाजपा  की बढ़त को देखते हुए कांग्रेस भी जल्द ही 'सोशल मीडिया वारियर्स' तैयार कर सकती है और अपने विरोधियों को जवाब देने का काम कर सकती है. आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी  की प्रॉपर आईटी सेल मौजूद है जो पार्टी के लिए अलग-अलग मुद्दों पर काम करती नजर आती है.

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कांग्रेस की उपस्थिति की बात करें तो भाजपा के मुकाबले यह कम है. इस संबंध में इंडिया टुडे ने खबर प्रकाशित की है और अपने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सोमवार को कांग्रेस पार्टी एक हेल्पलाइन नंबर और एक डेडिकेटेड सोशल मीडिया पेज लांच करने का प्लान बना रही है.

अपने इस अभियान के लिए कांग्रेस पांच लाख सद सदस्यों को रिक्रूट करेगी. लगातार दो लोकसभा चुनावों की हार का मुंह देखने के बाद कांग्रेस पार्टी की समझ में ये आ चुका है कि सोशल मीडिया को नजरअंदाज करके आगे नहीं बढ़ा जा सकता है. यह ऐसा प्लेटफार्म है जो लोगों के ओपिनियन बनाने में एक बड़ी भूमिका अदा कर रही है.

कांग्रेस के पास आने वाले दिनों में 5 लाख मेंबर होंगे जो देश के कोने-कोने में पार्टी का मैसेज पहुंचाने में लगाये जाएंगे. इस काम को जमीन पर उतारने के लिए पार्टी जल्द ही 50 हजार पदाधिकारियों को रिक्रूट करने का काम करेगी, जिनकी मदद के लिए बाकी 4.5 लाख सोशल मीडिया वारियर्स तैनात किये जाएंगे.

कांग्रेस के सूत्र के हवाले से इंडिया टुडे ने खबर दी है कि जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर और सोशल मीडिया पेज लॉन्च करने का काम किया जाएगा. इसपर सोशल मीडिया के लिए काम करने के इच्छुक लोगों का डेटा एकत्रति करने का काम किया जाएगा. पार्टी की सोशल मीडिया टीम में काम करने वाले पदाधिकारी ने बताया है कि एक बार सावधानीपूर्वक स्क्रूटनी के बाद उन लोगों के इंटरव्यू के लिए कॉल किया जाएगा जिसके बाद उन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी.

कांग्रेस के सूत्र ने आगे बताया कि कोरोना महामारी के वक्त कांग्रेस पार्टी के डिजिटल कैंपेन को कुछ सफलता मिली है. सोशल मीडिया- फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब आदि पर पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है. कांग्रेस पार्टी द्वारा 'स्पीक्सअप' नाम से एक कैंपेन शुरू किया गया था जिसमें कांग्रेस पार्टी के अलग-अलग नेता अलग-अलग मुद्दों पर पार्टी की राय रखते नजर आये थे. कांग्रेस के इस कैंपेन को उम्मीद से अधिक सफलता मिली जिसने डिजिटल प्लेटफार्म पर पार्टी को अपनी और अधिक बढ़त बनाने के लिए प्रेरित किया.