केंद्र ने राज्यों को दिया सलाह, 10 फीसदी से ज्यादा संक्रमण दर वाली जगहों पर लगे लॉकडाउन, ताकि संक्रमण की कड़ी तोड़ने में मिले मदद

केंद्र ने राज्यों को दिया सलाह, 10 फीसदी से ज्यादा संक्रमण दर वाली जगहों पर लगे लॉकडाउन, ताकि संक्रमण की कड़ी तोड़ने में मिले मदद

कोरोना वायरस महामारी की भयावह रफ्तार को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि जिन इलाकों में संक्रमण ज्यादा है, वहां पर 14 दिन का सख्त लॉकडाउन लगाया जाए, ताकि संक्रमण की कड़ी तोड़ने में मदद मिल सके। केंद्र ने राज्यों से उन इलाकों की जानकारी जुटाने के लिए कहा है जहां संक्रमण दर 10 फीसदी या उससे अधिक है। इन इलाकों में स्थानीय तौर पर लॉकडाउन लगाया जा सकता है। इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार शाम से मंगलवार सुबह सात बजे तक के लॉकडाउन को बढ़ाकर छह मई सुबह सात बजे तक कर दिया है। उधर, चंडीगढ़ में भी 11 मई तक लॉकडाउन लगाया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा, संक्रमण दर अधिक होने के अलावा अगर किसी एक विशेष स्थान पर सबसे ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं या फिर जहां मरीजों की संख्या ज्यादा है तो वहां भी स्थानीय लॉकडाउन लगाया जा सकता है। हालांकि, केंद्र ने पूरे राज्य या फिर जिले में लॉकडाउन लगाने की सिफारिश नहीं की है। मंत्रालय के अनुसार, देश में करीब 250 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना की संक्रमण दर 10 फीसदी या उससे अधिक है। पिछले एक सप्ताह के दौरान इन जिलों की स्थिति में थोड़ा सुधार भी हुआ है। सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे नए सिरे से उन जिलों या स्थान की पहचान करें जहां सबसे ज्यादा मामले मिल रहे हैं। कई बार यह भी देखने को मिल रहा है कि एक ही जिले में एक गांव या कस्बा सबसे अधिक प्रभावित है, जबकि अन्य स्थानों पर संक्रमण का एक भी मामला नहीं है। ऐसी स्थिति में पूरे जिले में लॉकडाउन लगाने से बेहतर होगा कि संक्रमण प्रभावित गांव या कस्बे में ही 14 दिन का लॉकडाउन लगाया जाए।

22 राज्यों में संक्रमण दर 15 फीसदी से ज्यादा-
मंत्रालय ने दूसरी लहर के कमजोर पड़ने के शुरुआती संकेत मिलने का दावा किया है। हालांकि, अगर संक्रमण दर पर गौर भी किया जाए तो अभी 22 राज्य ऐसे हैं, जहां यह 15 फीसदी से अधिक है। इनके अलावा नौ राज्यों में संक्रमण दर 5 से 15 फीसदी और केवल पांच राज्यों में यह पांच फीसदी से कम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पांच फीसदी संक्रमण दर तक स्थिति आसानी से नियंत्रित की जा सकती है। 

कोविड राहत सामग्री के आयात पर आईजीएसटी में छूट
सरकार ने सोमवार को कोविड संबंधी राहत सामग्री के आयात एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) पर 30 जून तक छूट दे दी है। यह छूट उन सभी राहत सामग्री पर दी गई है, जो मुफ्त में बांटने के लिए दान में दी गई है या फिर भारत के बाहर मुफ्त में मिली हो। यह छूट उन वस्तुओं पर भी लागू होगी, जिनका पहले ही आयात किया जा चुका है, मगर सीमाशुल्क बंदरगाहों से हरी झंडी नहीं मिली है। सरकार ने पहले ही रेमडेसिविर इंजेक्शन समेत कोविड राहत सामग्री पर से सीमा शुल्क से छूट दी है। 

कर्नाटक में ऑक्सीजन की कमी से 24 की मौत-
कर्नाटक के चामराजनगर में ऑक्सीजन की कमी के चलते 24 से ज्यादा मरीजों की मौत हो गई। इनमें 23 कोरोना संक्रमित और एक दूसरी बीमारी से पीड़ित मरीज  हैं। कहा जा रहा है कि जिन मरीजों का कोरोना से इलाज चल रहा था वह सभी वेंटिलेटर पर थे। हालांकि, सरकार ने ऑक्सीजन की कमी की बात से इनकार किया है। 

लगातार दूसरे दिन देश में कम मिले नए मरीज, मौतों में नहीं आई कमी-
देश में लगातार दूसरे दिन देश में कोरोना के नए मामलों में थोड़ी कमी देखने को मिली है। बीते शनिवार को चार लाख से भी ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हुए थे, मगर रविवार और सोमवार को इनकी संख्या चार लाख से कम रही। वहीं, एक दिन में तीन लाख से ज्यादा मरीज ठीक भी हुए। हालांकि, हर दिन संक्रमण से होने वाली मौत को रोकने में सफलता मिलती दिखाई नहीं दे रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एक दिन में 3,68,147 नए मामले सामने आए, जबकि 3,00,732 मरीजों को छुट्टी दी गई। इस दौरान 3,417 मरीजों की मौत हो गई।

हर दिन संक्रमण की दर 21.19 फीसदी-
 फिलहाल देश में कोरोना से ठीक होने की दर 81.79 फीसदी हो चुकी है। 10 राज्यों में 73.49 फीसदी मरीजों को अस्पतालों से उनके घर भेज दिया गया। हालांकि, देश में प्रतिदिन संक्रमण की दर 21.19 फीसदी तक पहुंच चुकी है। बीते एक दिन में 74 फीसदी मामले 10 राज्यों में मिले हैं। महाराष्ट्र में 56,647, कर्नाटक में 37,733 और केरल में 31,959 मामले सबसे ज्यादा मिले हैं। वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 34,13,642 हो चुकी है।

 250 जिलों में संक्रमण दर 10 से 15 फीसदी के बीच है
पिछले 12 दिन से लगातार 3 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं जबकि एक दिन कोरोना का ये आंकड़ा चार लाख को भी पार कर चुका है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि 150 जिलों में संक्रमण दर 15 फीसदी से भी ज्यादा है, जबकि 250 जिलों में संक्रमण दर 10 से 15 फीसदी के बीच है।