सीबीएसइ बोर्ड परीक्षा की कैसे करें तैयारी, विशेषज्ञों के इन टिप्स को फॉलो कर ला सकते हैं बेहतर मार्क्स

सीबीएसइ बोर्ड परीक्षा की कैसे करें तैयारी, विशेषज्ञों के इन टिप्स को फॉलो कर ला सकते हैं बेहतर मार्क्स

सीबीएसइ ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल दो फरवरी को जारी कर दिया गया है. 10वीं और 12वीं की परीक्षा चार मई से 11 जून तक चलेगी. 2020 में कोरोना काल की वजह से कई परीक्षाएं देर से आयोजित हुई थीं. वहीं सत्र 2020-2021 के लिए होने वाली बोर्ड परीक्षा को लेकर अभिभावक और विद्यार्थी चिंतित हैं. ऑनलाइन क्लास के कारण कई विद्यार्थियों का सिलेबस कंप्लीट नहीं हुआ है. वहीं सुदूर इलाकाें के विद्यार्थी नेटवर्क के कारण नियमित क्लास से नहीं जुड़ सके.

इसको लेकर सीबीएसइ की आधिकारिक ई-मेल पर अभिभावक और विद्यार्थी लगातार सवाल पूछ रहे हैं. साथ ही शहर के स्कूलों में नियुक्त काउंसेलर और क्लास इंचार्ज से भी अभिभावक और बच्चे फोन पर नियमित संपर्क कर सलाह मांग रहे हैं. इसके अलावा एनटीएन ने भी जेइइ मेन से संबंधित सवालाें का जवाब जारी किया है. पढ़िए कुछ प्रमुख सवाल और उनके जवाब.


Q बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का निर्णय सही है या नहीं ?
कोरोना संकट में प्राइमरी और मिडिल स्कूल के बच्चों की परेशानी समझ आती है, लेकिन 10वीं और 12वीं के विद्यार्थी अपनी सुरक्षा का ध्यान रख सकते हैं. कोरोना से संबंधित सुरक्षा के उपाय अब लोगों की आदत में शामिल हो गये हैं. अभिभावक अपने बच्चों पर बोर्ड परीक्षा को देखते हुए भरोसा रखें. स्कूल खोल दिये गये हैं, तो उन्हें स्कूल जाने की अनुमति दें. संभव हो, तो अभिभावक आने-जाने के दौरान बच्चों की सुरक्षा का ख्याल रख सकते हैं.

Q क्या स्कूल नहीं जाने का असर बच्चों के रिजल्ट पर दिखेगा? बच्चा पिछड़ तो
कई विद्यार्थियों ने ऑनलाइन क्लास के दौरान नोट्स तैयार नहीं किया है. परीक्षा के समय बच्चाें पर नोट्स का प्रेशर होता है. बच्चों के घर पर रहने की वजह से उनमें प्रतियोगिता क्षमता की कमी आयी है. इसे दोबारा जगाने की जरूरत है. इसलिए स्कूल भेजें. इससे बच्चों को दूसरे विद्यार्थियों की तैयारी का पता चलेगा. इससे सीख लेकर वे खुद-ब-खुद पढ़ने लगेंगे.

Q ऑनलाइन क्लास के कारण बच्चों का लय बिगड़ गया है़ ऐसे में बोर्ड की तैयारी कैसे करायें ?
सालभर ऑनलाइन क्लास की वजह से बच्चों में आत्मविश्वास की कमी आयी है. बच्चे जो बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं, वह खुद पर यकीन नहीं कर पा रहे. महीनों से स्कूल व कोचिंग से दूर रहने की वजह से यह समस्या आयी है. बच्चों में पढ़ाई का लय स्कूल में पीरियड दर पीरियड क्लास से बनता है. इससे लंबे समय तक पढ़ने की आदत तैयार हो पायेगी.

Qघर में परीक्षा की तैयारी कैसे पूरी करायें, ताकि बच्चा बेहतर रिजल्ट कर सके?
सीबीएसइ की वेबसाइट पर सिलेबस की कटौती को लेकर नोटिफिकेशन उपलब्ध करा दिया गया है. शिक्षक से परामर्श कर बच्चों को इसकी सही जानकारी दें. बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए बच्चों को नियमित रूटीन बनाकर पढ़ने की सलाह दें. वहीं सीबीएसइ की ओर से सैंपल पेपर आधिकारिक वेबसाइट http://cbseacademic.nic.in पर विषयवार जारी किया गया है. इन्हें बच्चों से लगातार हल कराकर शिक्षक से मूल्यांकन करायें.

Qघर में परीक्षा की तैयारी कैसे पूरी करायें, ताकि बच्चा बेहतर रिजल्ट कर सके?
सीबीएसइ की वेबसाइट पर सिलेबस की कटौती को लेकर नोटिफिकेशन उपलब्ध करा दिया गया है. शिक्षक से परामर्श कर बच्चों को इसकी सही जानकारी दें. बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए बच्चों को नियमित रूटीन बनाकर पढ़ने की सलाह दें. वहीं सीबीएसइ की ओर से सैंपल पेपर आधिकारिक वेबसाइट http://cbseacademic.nic.in पर विषयवार जारी किया गया है. इन्हें बच्चों से लगातार हल कराकर शिक्षक से मूल्यांकन करायें. http://cbseacademic.nic.in पर विषयवार जारी किया गया है. इन्हें बच्चों से लगातार हल कराकर शिक्षक से मूल्यांकन करायें

Q नयी मार्किंग स्कीम को कैसे समझें और बच्चों को कैसे अवगत करायें?
सीबीएसइ ने सभी स्कूलों को नये क्वेश्चन पैटर्न, घटाये गये सिलेबस और मार्किंग स्कीम भेज दिया है. शिक्षकों को इसकी जानकारी निश्चित रूप से विद्यार्थियों को दी जानी है. बोर्ड ने सिलेबस घटाया है, न कि अंक का वेटेज. ऐसे में नये क्वेश्चन पैटर्न के साथ सैंपल पेपर के जरिये मार्किंग स्कीम को समझा जा सकता है. सभी सैंपल पेपर में अंक का विस्तार दिया गया है.

Qनये क्वेश्चन पैटर्न में ज्यादा स्कोर कैसे किये जा सकते हैं?
सीबीएसइ के प्रश्न पूरी तरह एनसीइआरटी बेस्ड पूछे जायेंगे. सब्जेक्टिव क्वेश्चन को हल करने के लिए सभी टॉपिक को पढ़ना जरूरी है. किताब से पढ़ने पर प्रश्नों को समझने में आसानी होगी. विद्यार्थी किसी भी सवाल को लेकर नहीं उलझेंगे.

Qएग्जाम में 90 परसेंट स्कोर हासिल करने के लिए क्या करना होगा ?
सभी विषयों के अंक थ्योरी और प्रैक्टिकल में बांट दिये गये हैं. प्रैक्टिकल का अंक स्कूल देता है़ विद्यार्थी टॉपिक की जानकारी को प्रैक्टिकल नॉलेज के साथ समझेंगे, तो इससे खुद की भाषा में लिखना आसान होगा. थ्योरी पेपर में आंसर के सही पैटर्न को फॉलो करेंगे, तो बेहतर स्कोर कर सकते हैं. हाइ ऑर्डर थिंकिंग के लिए किताब और नोट्स को मिलाकर पढ़ना और लिखने का नियमित अभ्यास करना जरूरी है.

Qएग्जामिनेशन पेपर तीन घंटे से पहले पूरा हो जाये, इसके लिए क्या करना होगा?
एग्जाम से पहले स्कूल अपने स्तर पर मॉक टेस्ट आयोजित करते हैं. इससे खुद का मूल्यांकन करें. तीन घंटे में पेपर हल नहीं हो रहा है, तो सैंपल पेपर लेकर रोजाना इसका अभ्यास करें. जिस टॉपिक पर फंस रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर दोबारा टेस्ट पेपर को हल करें. परीक्षा से पहले प्रत्येक दिन दो से तीन सैंपल पेपर हल करने की कोशिश करें. इससे विद्यार्थी टाइम मैनेजमेंट करना सीख जायेंगे.