दिलीप कुमार और सायरा बानो की लव स्टोरी

मशहूर फिल्म एक्टर दिलीप कुमार ने 7 जुलाई 2021 सुबह 7:30 बजे अपनी अंतिम सांस ली

दिलीप कुमार और सायरा बानो की लव स्टोरी

मशहूर फिल्म एक्टर दिलीप कुमार ने 7 जुलाई 2021 सुबह 7:30 बजे अपनी अंतिम सांस ली। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने दिलीप कुमार के देहांत को एक इंस्टिट्यूशन का जाना कह दिया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो को फोन करके उनकी उन्हें सांत्वना दी। बात करें सायरा बानो की तो तो दिलीप कुमार के अच्छे बुरे दिन में सायरा बानो उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी रही। दिलीप कुमार और सायरा बानो की लव स्टोरी काफी दिलचस्प रही मिलना फिर बिछड़ना सिर्फ हमेशा हमेशा के लिए साथ रहना है। 50 सालों से दिलीप कुमार और सायरा बानो एक दूसरे के साथ थे लेकिन इन 50 सालों में इस रिश्ते में काफी उतार-चढ़ाव देखा। ऐसा वक्त भी आया जब दिलीप कुमार को 3 बच्चों की मां तलाकशुदा औरत से प्यार हो गया और उसके साथ उन्होंने शादी भी कर लिया। शुरुआत से बात करें तो 1952 दिलीप कुमार की फिल्म आन आई थी हर किसी ने इसे बहुत पसंद किया था किन 12 साल की सायरा बानो ने इस फिल्म को देखने के बाद दिलीप कुमार को मन ही मन अपना पति मान लिया था। सीबक सायरा बानो ने दृढ़ निश्चय किया था कि वह जिंदगी में एक बार कभी दिलीप कुमार से मुलाकात जरूर करेगी अपने प्यार का इजहार करेगी। 1960 यानी 8 साल बाद के मौका उनके जीवन में आया जब मुग़ल-ए-आज़म फिल्म रिलीज हुई जिसके प्रीमियर में दिलीप कुमार आने वाले थे मगर दुर्भाग्यवश को नहीं आ पाए और सायरा बानो उनसे नहीं मिल पाए। सायरा बानो और दिलीप कुमार को जोड़ने का काम उनकी मां ने किया। इन दोनों की पहली मुलाकात सायरा बानो की मां के जरिए ही हुई थी।

सायरा बानो की मां नसीम बानो बॉलीवुड की एक मशहूर फिल्म एक्ट्रेस थी। अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए सायरा बानो ने का इंटरव्यू में यह बताया है कि जब मैं पहली बार दिलीप कुमार से मिली थी उन्होंने मुझे कहा था कि तुम बहुत खूबसूरत हो बस मैंने सोच लिया था कि मुझे दिलीप साहब की पत्नी बनना है। सायरा बानो ने निश्चय किया कि वह दिलीप कुमार की पत्नी तब बनेगी जब फिल्मों में आ जाएगी। उसके बाद सायरा बानो का सिर्फ फिल्मी करियर शुरू हुआ। मगर उसी दौरान फिल्म जंगली करते वक्त उनकी अफेयर के चर्चे राजेंद्र कुमार के साथ होने लगी। नसीम बानो जो सायरा बानो की मां है उन्हें इस रिश्ते से बहुत ज्यादा दिक्कत थी नहीं वो नहीं चाहती थी कि सायरा बानो कीअफेयर्स की खबरें इस तरह से मीडिया में आए।

उसके बाद नसीम बानो ने दिलीप कुमार से बात की और उन्हें सारा सायरा बानो को समझाने के लिए कहा। बस यहीं से उन दोनों की प्रेम कहानी शुरू हुई। जानकारी के लिए बता दें कि सायरा बानो और दिलीप कुमार ने 22 साल की उम्र का फासला था। शुरुआत में दिलीप कुमार इस रिश्ते मैं नहीं आना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि सायरा बानो बच्ची है। लेकिन ठीक 6 महीने बाद दोनों के बीच में प्यार हो गया। नसीम बानो ने दिलीप कुमार को अपने घर डिनर पर बुलाया था जिसमें सायरा साड़ी पहनी थी वह बहुत खूबसूरत लग रही थी तभी विवेक उन्हें देख कर फिदा हो गए और उन्होंने सायरा से कहा कि तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो फिर अगले दिन दिलीप कुमार ने उन्हें फोन करके कहा कि खाना बहुत अच्छा बना था। इसके बाद लगातार दिलीप कुमार सायरा से मिलने लगे। एक लॉन्ग ड्राइव के दौरान दिलीप कुमार ने सायरा बानो को प्रपोज किया। और 1966 में दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी हो गई।ये साथ तकरीबन 54 साल रहा।शादी के कुछ सालों बाद ही दिलीप कुमार की मुलाकात एक पाकिस्तानी महिला से हुई थी महिला का नाम था आसमा रहमान। जो तीन बच्चों की मां और तलाकशुदा थी। आसमा रहमान और दिलीप कुमार की मुलाकात धीरे-धीरे अफेयर में बदलने लगी। फिर 1980 में दिलीप कुमार ने सायरा बानो को छोड़कर आसमा रहमान से शादी कर ली। हालांकि शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तो में काफी खटास आ गई। दिलीप कुमार को ऐसा लगता था कि आसमा अपने पहले पति के साथ मिलकर उन्हें धोखा दे रही है। और आसमा अपने पहले पति के साथ मिलकर मीडिया में उनके सारे राज खोल रही है।

इस रिश्ते से परेशान होकर दिलीप कुमार ने फिर से सायरा बालों से मिलना शुरू किया। दोनों को एक बार फिर से एक दूसरे से प्यार हो गया और फिर और उन्होंने कभी ना अलग होने की कसमें खाई। दिलीप कुमार में अपने ऑटो बायोग्राफी में लिखा है कि मेरे लाइफ का यह वह फेस था जिसे हम दोनों भूलना चाहते हैं और हम दोनों ने इसे भुला भी दिया। खबरें कुछ ऐसी थी कि सारा मां नहीं बन सकती इसी वजह से दिलीप कुमार ने दूसरा अफेयर्स किया था। इसके बाद दिलीप कुमार ने आसमा को तलाक दे दिया। दिलीप कुमार और सायरा बानो उसके बाद हंसी खुशी अपनी जिंदगी बिताने लगे। सायरा बानो प्यार से दिलीप कुमार को कोहिनूर कहकर बुलाती थी । और वह यह भी कहती थी कि दिलीप कुमार उनकी आंखों में एक भी आंसू नहीं देख सकते। अच्छी पत्नी बनने के लिए और अपने कोहिनूर की सेवा करने के लिए सायरा बानो ने अपना फिल्मी करियर छोड़ दिया और अपनी जिंदगी को दिलीप कुमार की सेवा और प्यार में समर्पित कर दिया।