ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर और इंडियन प्रीमियर लीग फ्रेंचाइज़ी चेन्नई सुपर किंग्स के बैटिंग कोच माइक हसी ने 2021 टी20 विश्व कप को लेकर बड़ा बयान दिया है।

हसी ने आगे कहा, "हम आईपीएल की आठ टीमों की बात कर रहे हैं और टी20 विश्व कप में भी शायद इतनी ही टीमें होंगी. मेजबान शहर अधिक होंगे. जैसा कि मैंने पहले ही कहा कि अलग अलग शहरों में खेलने से जोखिम बढ जायेगा। उन्हें काफी बड़ी आपात योजना बनानी होगी। शायद यूएई या कहीं और टूर्नामेंट कराया जा सकता है."

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर और इंडियन प्रीमियर लीग फ्रेंचाइज़ी चेन्नई सुपर किंग्स के बैटिंग कोच माइक हसी ने 2021 टी20 विश्व कप को लेकर बड़ा बयान दिया है।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर और इंडियन प्रीमियर लीग फ्रेंचाइज़ी चेन्नई सुपर किंग्स के बैटिंग कोच माइक हसी ने 2021 टी20 विश्व कप को लेकर बड़ा बयान दिया है।


ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर और इंडियन प्रीमियर लीग फ्रेंचाइज़ी चेन्नई सुपर किंग्स के बैटिंग कोच माइक हसी ने 2021 टी20 विश्व कप को लेकर बड़ा बयान दिया है। दरअसल, टी20 विश्व कप भारत में होना है, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर से यहां हालात बहुत खराब हो गए हैं, जिस कारण आईपीएल 2021 को भी स्थगित करना पड़ा। हसी आईपीएल के समय भारत में ही थे और बायो बबल में रहने के बावजूद कोरोना पॉज़िटिव हो गए थे। अब स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने कहा है कि 2021 टी20 विश्व कप भारत में नहीं बल्कि कहीं और होना चाहिए। उनका मानना है कि अब दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड भारत में फिर टूर्नामेंट खेलने के लिए टीमें भेजने को लेकर नर्वस होंगे।


भारत से लौटने के बाद सिडनी में माइक हसी ने कहा, "भारत में टूर्नामेंट खेल पाना काफी मुश्किल होगा। शायद यूएई या कहीं और टूर्नामेंट कराया जा सकता है। दुनिया भर के कई क्रिकेट बोर्ड भारत में फिर टूर्नामेंट खेलने के लिए टीमें भेजने को लेकर नर्वस होंगे।"

हसी ने आगे कहा, "हम आईपीएल की आठ टीमों की बात कर रहे हैं और टी20 विश्व कप में भी शायद इतनी ही टीमें होंगी. मेजबान शहर अधिक होंगे. जैसा कि मैंने पहले ही कहा कि अलग अलग शहरों में खेलने से जोखिम बढ जायेगा। उन्हें काफी बड़ी आपात योजना बनानी होगी। शायद यूएई या कहीं और टूर्नामेंट कराया जा सकता है."


यूएई विकल्प के तौर पर उभरा है और आईसीसी एक जून को इस पर फैसला लेगा। भारत में अपने अनुभव को लेकर हसी ने कहा कि उनमें लक्षण थे, लेकिन उन्हें कभी जिंदगी को लेकर डर नहीं लगा. उन्होंने कहा, "उस समय मुझे बहुत अच्छा नहीं लगा। लेकिन ऐसा नहीं लगा कि जिंदगी को कोई खतरा है। मेरे शुरुआती टेस्ट में उतना गंभीर पॉजिटिव नहीं था और हम उम्मीद कर रहे थे कि अगला टेस्ट निगेटिव आयेगा और मैं ठीक हो जाऊंगा, लेकिन मैं फिर पॉजिटिव आ गाया।"