बिहार में 301 केंद्रों पर 18 हजार ने लिया कोरोना का टीका, सेहत को लेकर नहीं मिली कोई शिकायत.

बिहार में शनिवार से शुभ मुहूर्त में टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई। पटना के आइजीआइएमएस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की मौजूदगी में पहला टीका सफाई कर्मी रामबाबू ने लिया। टीका लेने वालों ने सहजता महसूस की।

पहले दिन 301 केंद्रों पर 30 हजार लोगों को टीका लगाया जाना था, लेकिन किंतु लगा महज 18 हजार 122 लोगों को। इसकी वजह बताई गई कि 50 वर्ष से अधिक या विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त लोगों को टीका फिलहाल नहीं दिया गया। डायबिटीज एवं ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी टीका नहीं लगाया गया। पहले दिन निबंधन के बावजूद करीब 12 हजार कम टीके लगाए गए।

पहला टीका लगवाने वाले को किया सम्‍मानित

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने टीका लेने वाले रामबाबू को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। रामबाबू के बाद एंबुलेंस चालक अमित कुमार और लैब टेक्नीशियन सोनू पंडित को दिया गया। आइजीआइएमएस से नीतीश कुमार ने वेब कास्टिंग के माध्यम  से विभिन्न केंद्रों पर चलाए जा रहे टीककरण अभियान का जायजा लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आइजीआइएमएस परिसर में पौधे भी लगाया।

पटना में पहले दिन आधे लोगों ने ही लगवाया टीका

पटना में पहले दिन के लिए 17 सौ लोग निबंधित थे, लेकिन लगाया गया सिर्फ 903 लोगों को ही। बिहार के सभी केंद्रों पर सबसे पहले सफाई कर्मियों को टीका लगाया गया। उसके बाद एंबुलेंस ड्राइवर, नर्स एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लिया। सबसे आखिर में डॉक्टरों को लगाया गया। सरकार ने समाज के आखिरी पायदान वाले कर्मियों तवज्जो देने का निर्णय किया था। इसी उद्देश्य के तहत सबसे पहले सफाई कर्मियों को टीका लगाया गया।