पाबंदी के बाद भी झारखंड से बिहार सवारियां ले जा रही थी बसें, हुईं सीज

पाबंदी के बाद भी झारखंड से बिहार सवारियां ले जा रही थी बसें, हुईं सीज

लॉकडाउन( स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह) के नियमों को तोड़कर रांची से बिहार जा रही दो बसों को गुरुवार को ओरमांझी के पास जिला प्रशासन की टीम ने पकड़ लिया। आरटीए सचिव निरंजन कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी ने दोनों बसों को जब्त कर ओरमांझी थाना के हवाले कर दिया है। बसों के संचालक के खिलाफ आपदा एक्ट के तहत मामला भी दर्ज किया गया है। आरटीए सचिव के अनुसार बसों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। 

आरटीए सचिव निरंजन कुमार ने बताया कि सूचना मिल रही थी कि कुछ बसें चुपचाप बिहार और यूपी जा रही हैं। गुरुवार को मिली सूचना के बाद एक टीम बना कर बसों की जांच के लिए एनएच पर टीम पहुंची। ओरमांझी के पहले कैमूर किंग और टूरिस्ट धीरज नाम की बस को पकड़ा गया। एक बस को पहले पकड़ा गया। बस के चालक से पूछताछ की जा रही थी। इसी बीच पीछे से आ रही दूसरी बस ने जांच टीम को देख लिया और वह बस को बैक कर भागने लगा। इसके बाद टीम ने बस का पीछा कर पकड़ लिया। बस में सवार यात्रियों को उतार दिया गया। बुधवार को भी बनारस जा रही जनता बस को ओरमांझी के पास पकड़ा गया था। 

 जानकारी के अनुसार अनलॉक वन के बाद से ही कुछ बसें बिहार जा रही थीं। इन बसों को कहीं रोका भी नहीं जा रहा था। इसके बाद बुधवार से ही बसों के खिलाफ देर रात अभियान चलाया गया था। इसमें ओरमांझी के पास जनता बस पकड़ी गयी। जानकारी के अनुसार बस संचालक और एजेंट फोन से बसों की बुकिंग कर रहे हैं। बुकिंग के बाद यात्रियों को कहा जाता है कि बस खुलने के एक घंटे पहले बता दिया जाता है कि बस कहां पकड़नी है। जिन यात्रियों के पास कोई साधन नहीं रहता उन्हें बस स्टैंड बुलाकर ऑटो से एनएच के पास ले जाया जाता है। इसके बाद बसों पर यात्रियों को सवार कर भेजा जाता है। पिछले साल के लॉकडाउन में एक दर्जन से अधिक बसों के खिलाफ कार्रवाई की गयी थी।