Junoon: जिंदगी की सांसें बांटने का बीड़ा उठाया औरंगाबाद के युवाओं ने

जिंदगी की सांसे बांटने का बीड़ा उठाया औरंगाबाद के युवाओं ने , अब तक कई कोरोना पीड़ितों की बचाई जान 

कोरोना महामारी के इस दौर में संक्रमितों को अगर किसी चीज़ की सबसे अधिक दरकार  है तो वह है ऑक्सीजन सिलेंडर की। ऐसे में औरंगाबाद के बारुण ने कुछ उत्साही युवकों ने ऑक्सीजन बैंक की स्थापना कर उनकी इस जरूरत को पूरा करने का ना  सिर्फ बीड़ा उठाया है बल्कि जरूरतमंदों को चिन्हित कर अपने घर से उन तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचा भी रहे हैं मात्र 13 सिलेंडर से शुरू की गई उनकी यह कोशिश आज 32 सिलेंडरों तक पहुंच गई है। सिर्फ इतना ही नहीं अपने स्तर से कोरोना संक्रमितों  के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी  ये उपलब्ध करा रहे हैं । संस्था के सदस्यों ने बताया कि पिछले 1 महीने से जारी इस सेवा के तहत ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर हर रोज औसतन 15 से 17 कॉल आते हैं जिन्हें यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है । बहरहाल, एक ओर  कुछ लोग आपदा को अवसर बनाने में जुटे हैं वहीं बारूण के इन उत्साही युवकों का किसी की जिंदगी बचाने का यह नेक कार्य काबिले तारीफ है। 

ये यह लोग मिलकर जरूरतमंदों तक   ऑक्सीजन  सिलेंडर पहुंचा रहे हैं। और खासकर की उन  मरीजों  को ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हैं जिसको  अस्पताल में बेड और ऑक्सीजन नहीं मिल पता है। उन्हें निशुल्क ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराते हैं। इतना ही नहीं जिन मरीजों को डॉक्टर ने घर में रहकर ऑक्सीजन मेंटेन करने को कहा है उन्हें भी ये ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हैं , उनके घरों पर।  लॉकडाउन के कारण मरीजों को अस्पताल आने  का साधन नहीं मिल पाता है  , उन्हें ये  लोग एंबुलेंस में अस्पताल तक ले जाते हैं। या फिर उस एंबुलेंस के द्वारा मरीज तक  ऑक्सीजन पहुंचाते हैं। जब मरीज ठीक हो जाते हैं तब वे  अपना ऑक्सीजन सिलेंडर वापस ले आते हैं ।