बिहार भाई बहन की जोड़ी ने बनाया सोलर स्टोरेज कीमत सिर्फ ₹10000

बिहार: भाई-बहन की जोड़ी ने बनाया सोलर - स्टोरेज कीमत सिर्फ ₹10000


बिहार के निक्की कुमार झा और रश्मि झा के स्टार्टअप, सप्तकृषि ने एक उपकरण बनाया है :सब्जीकोठी। इसकी मदद से किसान अपनी उर्जा को 1 महीने तक ताजा रख सकते हैं। 
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि फलों और सब्जियों को ताजा बनाए रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की जरूरत होती है। लेकिन हर किसान के पास ना तो यह सुविधा होती है ना ही सभी किसान इसका किराया दे सकते हैं। इस वजह से बहुत से किसानों को हर साल नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों की इसी समस्या का समाधान निकाला है बिहार के एक भाई-बहन की जोड़ी ने। 
बिहार के भागलपुर जिले में नया टोला दूधैला गांव के निक्की कुमार झा ने अपनी बहन रश्मि झा साथ मिलकर एक खास तरह का स्टोरेज सिस्टम तैयार किया जिसका नाम है सब्जीकोठी। सब्जीकोठी एक खास तरह का स्टोरेज सिस्टम है जिससे आसानी से कहीं भी खेतों घर के आंगन या मार्केट में लगाया जा सकता है। बाहर से देखने में या जैसा लगता है लेकिन इसे इस तरह से बनाया गया है कि इसके अंदर माइक्रोक्लाइमेट बना रहे। 
साथ ही इसमें फल और सब्जियों पर किसी भी तरह के हानिकारक सूक्ष्मजीव नहीं लगते हैं। इससे आप फल - सब्जियों के ट्रांसपोर्टेशन के द्वारा भी उपयोग में ले सकते हैं। 
सब्जी कोठी को आसानी से किसी भी ठेले, ई-रिक्शा या ट्रक पर भी लगाया जा सकता है। इसके अंदर फल और सब्जियां 3 से 30 दिन तक ताजी रहती हैं। 


25 वर्षीय निक्की ने द बेटर इंडिया को बताया, "सब्जीकोठी किसानों से लेकर छोटे-बड़े कृषि उघामियों के लिए कारगर है। 
सबसे अच्छी बात यह है कि इस सिस्टम को काम करने के लिए दिन में सिर्फ 20 वाट बिजली और 1 लीटर पानी की जरूरत होती है । इसमें एक बैटरी लगाई गई है जो सौर ऊर्जा से चार्ज होती है। 
निक्की  झा ने नालंदा यूनिवर्सिटी से ,इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंट स्टडी में मास्टर की डिग्री हासिल की है और उनकी बहन ,रश्मि झा एक बायोटेक्नोलॉजिस्ट है। अपने मास्टर्स के रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए निक्की ने किसानों की समस्या को हल करने की सोची और एक गोल्ड स्टोरेज सिस्टम तैयार किया। उनका यह सिस्टम सौर संचालित था। 
लेकिन उनका यह प्रयोग विफल रहा क्योंकि बारिश के मौसम में यह कामयाब नहीं हुआ। 


वह बताते हैं मैं एक बार घर पर इस प्रोजेक्ट के बारे में चर्चा कर रहा था। इस पर मेरी बहन ने कहा कि  आपने अपने प्रोजेक्ट में अलग क्या किया था? सभी लोग कोल्ड स्टोरेज बना रहे हैं। उसकी यह बात मेरे मन में घर कर गई कि क्या कोल्ड स्टोरेज के अलावा और कोई विकल्प नहीं जिससे हम फल और सब्जियों को ज्यादा समय तक ताजा रखने का कोई उपाय ढूंढ सके। 
इसके बाद निक्की ने ऐसा स्टोरेज सिस्टम के बारे में रिसर्च किया जिसमें रेफ्रिजरेशन की जरूरत ना हो। जैसे-जैसे वे आगे बढ़े उन्होंने सब्जी कोठी को तैयार किया। अपने इस इनोवेशन को लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने अपनी बहन के साथ मिलकर 2019 में अपना स्टार्टअप  सप्तकृषि शुरू किया। 


उनके स्टार्टअप को पहले आईआईटी पटना से इनक्यूबेशन मिला था और अब आईआईटी कानपुर द्वारा उन्हें डिजाइन और फंडरेजिंग में मदद मिल रही है। । सप्तकृषि को RKVY-RAAFTAR मिशन द्वारा SKUAST - जम्मू से भी सपोर्ट मिल रहा है । साथी उन्हें ए जी ए एन एल आई मिशन प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय परिषद के तहत  एक प्रमुख पहल और प्रधानमंत्री विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार  परिषद के तहत नौ प्रौद्योगिकी मिशन ओ में से एक के सहयोग के समर्थन मिला। उन्हें आईआईटी कानपुर द्वारा समर्थित विलग्रो के इनोवेशन प्रोग्राम में भी मदद मिली। 


निक्की बताते हैं हमने अलग-अलग क्षमता वाले सब्जी कोठी तैयार किए हैं । इसकी शुरुआत 225 किलोग्राम की क्षमता से होती है और अन्य दो मॉडल 500 किलोग्राम और हजार किलोग्राम के हैं। एक सामान्य रेफ्रिजरेटर की तुलना से सब्जी कोठी 10 गुना अधिक फल सब्जियां रख सकती है और वह भी बहुत ही कम बिजली का इस्तेमाल करके। 


इसकी लागत अन्य कोल्ड स्टोरेज से बहुत ही कम है। सब्जीकोठी की कीमत ₹10000 से शुरू होती है। 
उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आईआईटी कानपुर में कैंटीन में एक मॉडल लगाया है साथ ही भागलपुर में एक छोटे कृषि उधमी सौरभ तिवारी के साथ वह काम कर रहे हैं। 
सौरभ भागलपुर में अपने ब्रांड सब्जीवाला के माध्यम से फल सब्जियों की होम डिलीवरी करते है। सौरभ  कहते हैं कि पहले वह हर सुबह मंडी से फल सब्जियां खरीद कर होम डिलीवर करते थे लेकिन पिछले साल लॉकडाउन के दौरान मुझे निक्की के सब्जीकोठी के बारे में पता चला । उन्होंने मुझे इस के फायदे समझाएं और मैंने इसका एक ट्रायल करने के बारे में सोचा। यह वाकई फायदेमंद है क्योंकि अब फल और सब्जियां को मैं ज्यादा दिन तक रख सकता हूं। इसलिए मैं किसानों से सीधे ताजा फल और सब्जियां खरीद कर लोगों तक पहुंचा रहा हूं। इससे ना सिर्फ मेरी कमाई बढ़ रही है। बल्कि मेरे काम भी काफी बड़ा है। और अब मैं 10 लोगों को रोजगार भी दे पा रहा हूं उन्होंने बताया।