केंद्र सरकार ने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वालों के लिए किया ऐतिहासिक ऐलान !

Manual Scavenging

केंद्र सरकार ने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वालों के लिए किया ऐतिहासिक ऐलान  !
Manual Scavenging

केंद्र सरकार ने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वालों के लिए ऐतिहासिक ऐलान किया है. इस ऐलान के मुताबिक़ मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट में संशोधन किया जाएगा जिससे सीवर्स और सेप्टिक टैंक की मशीनों के माध्यम से सफाई संभव हो.

सामाजिक न्याय की दिशा में सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं. सरकार ने कहा है कि हाथ से सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई पर रोक लगाने के लिए वह कानून में परिवर्तन करेगी.जबकि सामाजिक न्याय मंत्रालय ने कहा है कि सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई मशीन से करने के लिए वह मौजूदा कानून में बदलाव करेगी. 

शहरी मामलों के मंत्रालय ने 'सफाईमित्र सुरक्षा चैलैंज' अभियान का आगाज़ किया है ताकि कोई भी शख्स सीवर या सेप्टिंक टैंक की सफाई हाथ से न करे.सर्वोच्च न्यायालय ने अपने कई फैसलों में हाथ से सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई करने से इंकार कर चुका है फिर भी यह कार्य जारी है. विगत पांच वर्षों में सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई करते हुए लगभग 800 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 

'विश्व शौचालय दिवस' पर केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को देश के 243 शहरों में 'सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज' अभियान शुरू किया. इस अभियान का उद्देश्य अगले वर्ष 30 अप्रैल तक तमाम सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई अभियानों को मशीनीकृत करना है.इस ऐलान के साथ एक और अहम बात यह है कि मैनहोल शब्द को मशीन होल से स्थानांतरित किया जाएगा. इस पहल को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए 24×7 हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ केंद्र की मोदी सरकार का लक्ष्य है कि अगस्त 2021 तक इंसानों द्वारा की जाने वाली सीवर की सफाई ख़त्म कर दी जाए. अगर किसी इंसान को बड़ी समस्या पैदा होने की सूरत में सीवर के भीतर दाखिल होना पड़ता है तो उसे सही गियर और ऑक्सीजन सिलेंडर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा. इस चैलेंज का नाम है ‘सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज’.

इस चैलेंज के अंतर्गत तमाम श्रेणियों में कुल 52 करोड़ रुपए के पुरस्कार भी दिए जाएँगे. आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने इस संबंध में कई अहम जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस चैलेंज में हिस्सा लेने वाले शहरों का ज़मीनी विश्लेषण स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा मई 2021 में कराया जाएगा. इसका परिणाम 15 अगस्त 2021 तक सार्वजनिक किया जाएगा.”

 आँकड़ों की मानें तो मैनुअल स्कैवेंजिंग की वजह से पिछले 5 सालों में कुल 376 मौतें हुई हैं जिसमें सिर्फ 2019 के दौरान 110 मौतें हुई हैं. उल्लेखनीय है कि मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट 2013 के अनुसार किसी भी व्यक्ति से सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई करवाना दंडनीय कृत्य है. इसके लिए जुर्माना और कारावास तक का प्रावधान है. इस क़ानून में किए जा रहे संशोधन के अनुसार सीवर की सफाई करने वालों की पहचान की गई जाएगी और उनको बेहतर सुविधाएँ दी जाएँगी. अभी तक मशीन से की जाने वाली सफाई को वैकल्पिक प्रक्रिया के रूप में देखा जाता था लेकिन अब से मशीन द्वारा की जाने वाली सफाई को आगामी कुछ समय के भीतर अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा.

हैलो दोस्तों! Jharkhand Khabri के साथ जुड़ने के लिए आपका तहे दिल से शुक्रिया. Jharkhand khabri एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां हम आपको मेनस्ट्रीम मीडिया से गायब हुए, असल मुद्दे बताते हैं. Jharkhand Khabri के ज़रिए हम आप तक बिल्कुल ताजा और कड़क ख़बर पहुंचाते हैं, बिल्कुल आपकी सुबह की चाय की तरह. खबरों के डेली डोज की जिम्मेदारी आप Jharkhand Khabri पर छोड़ दिजिए. आप बस जिंदगी के मजे लिजिए.