फूलचंद तिर्की ने कहा हेमंत सरकार आदिवासियों का अस्तित्व खत्म करने का षड़यंत्र रच रही है

फूलचंद तिर्की ने कहा हेमंत सरकार आदिवासियों का अस्तित्व खत्म करने का षड़यंत्र रच रही है
Phoolchand Tirkey said Hemant government is plotting to end the existence of tribals

सरना कोड बिल को लेकर आयोजित आज की प्रेस वार्ता में केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि सरना कोड आदिवासियों की वर्षों पुरानी मांग है. लंबे समय से आदिवासी अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहे हैं. 2021 की जनगणना में यदि सरना कोड लागू नहीं होता है, तो आदिवासियों का अस्तित्व खत्म करने का षड़यंत्र रचा जा रहा है. वहीं, आदिवासियों को हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई एवं अन्य धर्मों में बांट कर उनकी संस्कृति एवं सभ्यता पर हमला किया जायेगा.

उन्होंने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार सरना कोड बिल मानसून सत्र में पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की घोषणा की थी, लेकिन विधानसभा में कोई भी मंत्री या विधायक सरना कोड के बारे में मुंह तक नहीं खोलें. इस संदर्भ में मंत्री रामेश्वर उरांव का भी बयान था कि मानसून सत्र में सरकार सरना धर्म कोड बिल पारित करेगी, लेकिन सदन में किसी भी मंत्री या विधायक ने सरना कोड की बात नहीं की. इससे स्पष्ट हो गया है कि सरना कोड राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार हो गया. उन्होंने कहा कि आदिवासी अपने हक और अधिकार के लिए जागरूक हो चुके हैं. आदिवासी अपने अधिकार के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे. जब तक धर्म कोड नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा.