टीएमसी और भाजपा के बीच अभी भी जारी है तकरार

टीएमसी और भाजपा के बीच अभी भी जारी है तकरार

कुछ दिनों पहले ही पश्चिम बंगाल में चुनाव हुए हैं और यह चुनाव ममता बनर्जी जीत भी चुकी हैं. बंगाल चुनाव से लेकर अब तक बीजेपी और टीएमसी के बीच जो सियासी घमासान दिखे, उससे यह साफ जाहिर होता है कि लोकतंत्र की इन दोनों पार्टियों में अपनी-अपनी विचारधारा को लेकर एक दूसरे से कितनी खटास है. बीजेपी ने भी ममता बनर्जी को परेशान करने में कोई कमी नहीं की तो वहीं दूसरी ओर टीएमसी ने भी भाजपा के साथ ऐसा ही किया है. एक आदर्श राजनीति में इस तरह का रवैया बर्दाश्त से बाहर है. अभी हाल के दिनों में भाजपा ने टीएमसी के तीन वरिष्ठ नेताओं के घर पर सीबीआई का छापा मरवा दिया जिसके बाद ममता बनर्जी बीजेपी से काफी ज्यादा खफा हो गईं. उसके कुछ ही दिनों बाद जब यास तूफान को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक की तो उसमें ममता बनर्जी आधे घंटे लेट पहुंची. इसके साथ ही केवल कुछ कागजात वहां रख कर सीधी निकल गई. इस तरह की घटनाओं से साफ पता चलता है कि दोनों पार्टियों के बीच में राजनीतिक खटास किस सीमा तक बढ़ गई है. अभी के नया मामला सामने आया है, इसमें ममता बनर्जी ने यह कह दिया है कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को कोई भी दुकानदार राशन नहीं देगा. उनके इस फरमान के बाद सियासी घमासान छिड़ गया. बीजेपी उन पर हमलावर हो गई. बीजेपी के वरिष्ठ नेता-मंत्री ट्वीट कर ममता बनर्जी के इस बयान की निंदा की है. ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं और उनके लिए पश्चिम बंगाल का हर व्यक्ति उनकी अपनी जनता है, जिसकी सेवा उनका धर्म भी है और नैतिक कर्तव्य भी.