उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सभी पार्टियां बना रही हैं अपनी रणनीति

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सभी पार्टियां बना रही हैं अपनी रणनीति

कहा जाता है कि भारत त्योहारों का देश है, यहां हर महीने कोई ना कोई पर्व अवश्य मनाया जाता है. ठीक वैसे ही दूसरे शब्दों में में ऐसा भी कह सकते हैं कि भारत चुनावों का देश है, जहां हर महीने लगभग देश के किसी न किसी कोने में छोटे से लेकर बड़ा चुनाव हो ही रहा होता है. अगले वर्ष एक ऐसा ही चुनाव होने वाला है. लेकिन वह कितना महत्वपूर्ण है इस बात का आकलन इसी से किया जा सकता है कि उसकी चुनावी बिगुल अब बज चुकी है. दरअसल बात उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की हो रही है. कहा जाता है की दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी इसका रास्ता उत्तरप्रदेश से होकर जाता है. इसलिए उत्तरप्रदेश का चुनाव कई मायनों में अहम माना जाता है. अगले वर्ष उत्तरप्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं. वहां की क्षेत्रीय पार्टी से लेकर राष्ट्रीय पार्टी तक सभी अपनी रणनीति बनाने में लगे हैं. हर कोई अपने वोट को साधने की अलग-अलग कोशिश कर रहा है. इस बात में कोई दोराय नहीं कि उत्तरप्रदेश का अगला विधानसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि वहां पर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी एेड़ी-चोटी का जोर लगाने वाली है. तो वहीं सत्ताधारी पार्टी बीजेपी खुद को सत्ता में काबिज रखने की कोशिश में है. नेताओं की अदला-बदली का सिलसिला भी शुरू हो चुका है. इस बार भाजपा विकास के साथ-साथ फिर से हिंदुत्व और राम मंदिर के मुद्दे को केंद्रित करते हुए चुनाव लड़ेगी. तो दूसरी ओर ऐसा लगता है कि समाजवादी पार्टी कोरोना को लेकर सरकार की विफलताओं और प्रदेश की अन्य समस्याओं को लेकर जनता के सामने चुनावी अखाड़े पर उतरेगी. अब देखना होगा कि इस चुनावी रणभूमि का विजेता कौन घोषित होता है, परंतु इसका पूर्वाभ्यास तो अभी से ही शुरू होता दिख रहा है.