सरकार के प्राइस बैंड बढ़ाने की वजह से , 5 फ़ीसदी तक बढ़ सकता है घरेलू विमानों का किराया

25 दिन तक बढ़ सकता है घरेलू विमानों का किराया सरकार के प्राइस बैंड बढ़ाने के कारण से हो सकता है ऐसा

सरकार के प्राइस बैंड बढ़ाने की वजह से , 5 फ़ीसदी तक बढ़ सकता है घरेलू विमानों का किराया

घरेलू विमानों से सफर करना अब आपके लिए महंगा हो सकता है किराए में 5% तक बढ़ोतरी की उम्मीद की गई है भारत सरकार ने घरेलू उड़ानों पर लॉकडउन के दौरान शुरू में किराया बैंड सेट को फिर से बदल दिया है अपने नवीनतम बदलाव में सरकार ने न्यूनतम किराया बैंड में 5% तक की बढ़ोतरी की है ऐसा एक रिपोर्ट में कहा गया है फरवरी में सरकार ने न्यूनतम और अधिकतम मूल्य बैंड पर क्रमश 10% और 30% तक सीमा बढ़ा दी है,न्यूज़ एटिन की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीमित उड़ानों की वजह से टिकट की कीमतों को बनाए रखने के लिए घरेलू उड़ान ऑपरेटरों और मूल्य कैंपिंग लगाई गई थी 25 मई को प्राइस कैंपेनिंग लगाई गई थी जब घरेलू उड़ानों को फिर से क्या लिब्रेट किया गया था अब सरकार ने प्राइस बैंड में बदलाव करने का निर्णय लिया है जिसका फायदा घरेलू विमान कंपनियों को जरूर होगा।

फरवरी में नगर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि जैसे ही उड़ान सेवाएं गोविंदपुर के स्तर पर पहुंच जाएंगे इस के किराए में प्राइस 10 को खत्म कर दिया जाएगा उन्होंने कहा कि वायु किराए पर न्यूनतम व अधिकतम सीमा लगाने के कदम एक असाधारण उपाय था जो असाधारण परिस्थितियों के कारण आवश्यक हो गया था इसके पीछे यह भी मकसद था कि सीमित उपलब्धता की स्थिति में एयरलाइन अनाप-शनाप की राय नहीं वसूल करें।