Railway Stations के पुनर्विकास के लिए यात्रियों से पैसा वसूलेगा रेलवे, किराए में कर सकता है 35 रुपए तक की बढ़ोतरी

Railway Stations के पुनर्विकास के लिए यात्रियों से पैसा वसूलेगा रेलवे, किराए में कर सकता है 35 रुपए तक की बढ़ोतरी

नई दिल्ली। रेल यात्रियों से 10 से 35 रुपये तक ज्यादा किराया वसूला जा सकता है। दरअसल रेलवे यह ज्यादा किराया इसलिए वसूल रहा है ताकि वह उस खर्च की भरपाई कर सके जो कुछ स्टेशनों के विकास और वहां अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर व्यय कर रहा है। यात्रियों से एकत्र की गई इस राशि से रेलवे कई और स्टेशनों का विकास और उनका आधुनिकीकरण करना चाहता है। सूत्रों ने बताया कि यह प्रस्ताव का हिस्सा है जिसे रेलवे अंतिम रूप दे रहा है जिसे मंजूरी के लिए जल्द ही कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। सूत्रों ने कहा कि उपयोग शुल्क श्रेणी के मुताबिक अलग-अलग होगा और यह दस रुपए से लेकर एसी प्रथम श्रेणी के यात्रियों के लिए 35 रुपए तक हो सकता है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त किराया केवल उन यात्रियों से ही वसूला जाएगा जिनके रूट में वे स्टेशन आएंगे जिनका विकास किया जाना है।

देश में इस समय 7000 रेलवे स्टेशन हैं। अतिरिक्त किराया करीब 700-1000 स्टेशन के यात्रियों से ही वसूला जाएगा। इस तरह यह पहला ऐसा शुल्क है जो रेल यात्रियों से लिया जाएगा। ऐसा शुल्क विभिन्न हवाई अड्डों में अलग-अलग राशि में लिया जाता है। यूजर चार्ज बहुत कम राशि में लिया जाएगा और इसका इस्तेमाल उन रेलवे स्टेशनों में यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए किया जाएगा जहां वे उतरेंगे। रेल मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, उपयोग शुल्क आवश्यक रूप से एक छोटी राशि है जिसका इस्तेमाल रेलवे स्टेशनों पर सभी यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने में किया जाता है।

रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अभी इस तरह का प्रस्ताव विचाराधीन है और इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। एक बात निश्चित है कि जो यूजर चार्ज लिया जाएगा वह बहुत कम होगा। रेलवे बोर्ड के सीईओ वी के यादव ने 17 सितम्बर को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि रेलवे सभी सात हजार स्टेशनों पर उपयोग शुल्क नहीं लेगा लेकिन ''अगले पांच वर्ष तक यात्रियों की ज्यादा संख्या वाले बड़े स्टेशनों पर यह शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि केंद्र स्टेशनों के लिए जल्द ही उपयोग शुल्क के बारे में अधिसूचना जारी करेगा।