ऑटो पेमेंट सुरक्षा की बढ़ाई डेड्लाइन , बैंक को दी चेतावनी : RBI

इस नियम में कहा गया है की ऐसे पेमेंट के लिए अतिरिक्त सुरक्षा होनी चाहिए , इसलिए क्रेडिट कार्ड , डेबिट कार्ड , यूपीआई या प्रीपेड इंस्ट्रुमेंट से अपने आप कट जाने वाले ईएमआई या रेंटल पर अब एक अतिरिक्त सुरक्षा परत होगी

ऑटो पेमेंट सुरक्षा की बढ़ाई डेड्लाइन , बैंक को दी चेतावनी : RBI
Photo: Google

बिलों के ऑटो पेमेंट या डेबिट पर कल से होने वाले बदलाव को रिज़र्व बैंक ओफ़ इंडिया (RBI) ने अगले महीने के लिए टाल दिया है इस बदलाव से लोगों को असुविधा होने की शंका थी , जिस वजह से RBI ने यह कदम उठाया है

RBI ने एक बयान जारी करते हुए कहा है की , सभी पक्षों को नए ढाँचे के तहत आने की टाइमलाइन को बढाकर 30 सितंबर 2021 कर दिया गया  है । पहले यह तारीख़ 1 एप्रिल से थी ।

क्या है मामला :

रिज़र्व बैंक ओफ़ इंडिया  ने एक नया नियम बनाया है , जिसके तहत मोबाइल यूटिलिटी और अन्य किसी भी यूटिलिटी बिल के लिए ऑटो पेमेंट मोड, और ओटीटी प्लाट्फ़ोर्म के चार्ज रेंटल सर्विस आदि के लिए आपके अकाउंट से हर महीने अपने आप पैसा कट जाने वाली व्यवस्था पर ओटीपी जैसा डबल प्रटेक्शन लागू करना था

इस नियम में कहा गया है की ऐसे पेमेंट के लिए अतिरिक्त सुरक्षा होनी चाहिए , इसलिए क्रेडिट कार्ड , डेबिट कार्ड , यूपीआई या प्रीपेड इंस्ट्रुमेंटसे अपने आप कट जाने वाले ईएमआई या रेंटल पर अब एक अतिरिक्त सुरक्षा परत होगी.

इसमें उपभोगता को बैक की और से किसी भी ऑटो पेमेंट से 24 घंटे पहले एक एसएमएस या मेल भेजा जाता , इसका रिप्लाई उपभोगता को देना होता की वो भुगतान करना चाहते है या नहीं

आरबीआई ने क्या कहा :

रिज़र्व बैंक ने बैंक को चेतावनी दी और कहा कि इसके बाद अगर कोई नियम तोड़ता या इस नियम का पालन नही करता तो यह चिंता की बात होगी और इसपर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी RBI ने कहा है कुछ स्टेकहोल्डर ने इस सिस्टम को लागू करने में देरी की है , उसके वजह से ऐसे हालत बने है , ग्राहकों को बड़े पैमाने पर असुविधा होती है , इस असुविधा को रोकने के लिए सभी पक्षों के नए ढाँचे में आने के लिए 30 सितंबर 2021 तक का समय दिया है।

क्या हुई समस्या :

अभी सभी बैंक इसके लिए तैयार नहीं थे और उन्होंने अभी तक ग्राहकों को कोई सूचना भी नहीं भेजी थी , जिसके कारण यह आशंका बनी हुई थी की ग्राहक को अपने बिल के भुगतान में समस्या आएगी , या भुगतान मैनुअली करना पड़े