संजय रावत ने bjp पर कसा तंज — मानव संसाधन' उपलब्ध कराने के लिए भाजपा को शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को धन्यवाद देना चाहिए

शिव सेना के संजय रावत ने bjp सरकार पर तंज कस्ते हुवे कहा की कैबिनेट का विस्तार राजनीती करने के लिए किया गया है

संजय रावत ने bjp पर कसा तंज — मानव संसाधन' उपलब्ध कराने के लिए भाजपा को शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को धन्यवाद देना चाहिए

मोदी के कैबिनेट विस्तार से किसका फ़ायदा 

ये तोह सच है की मोदी सरकार कुछ व बिना फायदे के नहीं करती तो मंत्री मण्डल का इतबा बड़ा बदलाव भी कुछ सोच समझ कर ही किया होगा। क्युकी उनका उद्देश्य सिर्फ देश की भलाई तोह कभी नहीं हो सकता। Bjp ने अपने आने वाले चुनाव में अपने राजनितिक फायदे देखते हुवे ये बड़े बदलाव किये हैं।

कुछ iइसी तरह का इल्जाम अब शिव सेना के तरफ से लगा है।शिवसेना सांसद संजय राउत ने बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, केंद्रीय मंत्रिमंडल में 'मानव संसाधन' उपलब्ध कराने के लिए भाजपा को शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को धन्यवाद देना चाहिए। राउत ने यह तंज मंत्रिमंडल में शामिल महाराष्ट्र के तीन नेताओं को लेकर कसा है। तीनों नेताओं की पृष्ठभूमि राकांपा और शिवसेना की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में महाराष्ट्र से उन तीन नेताओं को मंत्री बनाया गया है, जो कभी शिवसेना और एनसीपी में थे। पत्रकारों से बातचीत में राउत ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में राज्यमंत्री के रूप में कपिल पाटिल और डॉ. भारती पवार कभी एनसीपी में थे तो कभी शिवसेना के शाखा प्रमुख रह चुके हैं।वहीं, नारायण राणे शिवसेना में रहते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे। कैबिनेट में लेने के लिए अच्छे मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भाजपा को शिवसेना और एनसीपी का धन्यवाद करना चाहिए।

नारायण राणे को केंद्र में मंत्री बनाकर शिवसेना के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है क्योंकि कोकण और मुंबई में वह शिवसेना को करारा जवाब दे सकते हैं। इस सवाल पर राउत ने कहा कि मंत्री देश सेवा के लिए बनाए जाते हैं राजनीतिक विरोधियों को शिकस्त देने के लिए किसी को मंत्री पद नहीं मिलता। यदि ऐसा है तो यह कैबिनेट और संविधान का अपमान करने जैसा होगा।

राणे को कद के मुताबिक नहीं मिला मंत्रालय

शिवसेना सांसद राउत ने कहा कि प्रकाश जावड़ेकर जैसे अनुभवी लोग मोहरा बन गए और कुछ मंत्री बन गए। उन्होंने नारायण राणे पर व्यंग्य कसा कि उनका कद बड़ा है लेकिन उन्हें केंद्र में सूक्ष्म, लधु और मध्यम दर्जे का मंत्रालय दिया गया। राउत ने कहा कि राणे मुख्यमंत्री रह चुके हैं और पहले भी अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।