यूजीसी ने कहा : ऑनलाइन पढ़ाया जाए 40 फीसदी पाठ्यक्रम, ऑफलाइन 60 फीसदी, परीक्षाओं पर दिए ये सुझाव

यूजीसी ने कहा : ऑनलाइन पढ़ाया जाए 40 फीसदी पाठ्यक्रम, ऑफलाइन 60 फीसदी, परीक्षाओं पर दिए ये सुझाव

उच्च शिक्षण संस्थानों को किसी भी पाठ्यक्रम का 40 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाने की जल्द अनुमति मिल सकती है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के ‘विश्वविद्यालयों, कालेजों में मिश्रित पठन पाठन’ विषय पर मसौदा संकल्पना नोट में यह बात कही गई है. यूजीसी ने इस मसौदा संकल्पना नोट पर 6 जून तक विभिन्न पक्षकारों से सुझाव एवं राय मांगी है.

यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने कहा है, ”यूजीसी ने तय किया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों को किसी पाठ्यक्रम का 40 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाने की अनुमति दी जाए और संबंधित कोर्स का शेष 60 प्रतिशत हिस्सा आफलाइन माध्यम से पढ़ाया जाए.” उन्होंने कहा कि दोनों प्रारूपों में परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से ली जा सकती है.

छात्रों के लिये मिश्रित शिक्षा के फायदे हैं और इससे बेहतर ढंग से सीखने के साथ वृहद सूचना प्राप्त करने, बेहतर पठन पाठन परिणाम एवं संतुष्टि के अलावा दूसरों से भी सीखने का मौका मिलेगा.

यह मसौदा संकल्पना नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार की गयी है. विशेषज्ञ समिति का मानना है कि इससे पठन पाठन के कई स्वरूपों को मान्यता मिलेगी जिसमें आमने सामने बैठकर पढ़ने और डिजिटल माध्यम से शिक्षा ग्रहण करना शामिल है.

मसौदा संकल्पना में कहा गया है कि मिश्रित पठन पाठन न केवल ऑनलाइन एवं आमने सामने बैठकर शिक्षा प्राप्ति का मिश्रण है, बल्कि यह दोनों माध्यमों से अर्थपूर्ण गतिविधियों का सुनियोजित समन्यव है. इसमें कहा गया है कि मिश्रित शिक्षा कई महत्वपूर्ण कारकों पर ध्यान केंद्रित करती है जिसमें पठन पाठन का परिणाम, सीखने वाले पर केंद्रित माहौल शामिल है.