अभूतपूर्व आपदा का अप्रैल, एक महीने में कोरोना से 45000 मौतें 

अभूतपूर्व आपदा का अप्रैल, एक महीने में कोरोना से 45000 मौतें 

भारत में कोरोना वायरस इस वक्त कहर बरपा रहा है. दुनिया में कोरोना के कारण इस वक्त सबसे बुरी स्थिति भारत की ही है. इस साल के शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि भारत ने कोरोना को मात दे दी है. लेकिन मार्च के दौरान से शुरू हुई कोरोना की दूसरी लहर अब बेकाबू हो गई है. हालात ये हैं कि सिर्फ अप्रैल में ही भारत में कोरोना के कारण करीब 45 हजार लोगों की जान चली गई है. 

अप्रैल महीना भारत के ऊपर आपदा की सुनामी लाया है, हर ओर हाहाकार मचा है. कोरोना की इस सुनामी ने ऐसी तबाही मचाई कि देश के हर हिस्से से दर्द की आवाज निकल गई. अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, कहीं किसी को बेड नहीं मिल रहा है. कोई एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दे रहा है तो कोई ऑक्सीजन ना मिल पाने की वजह से मर रहा है. 

अगर सिर्फ अप्रैल के आंकड़े को देखें, तो भारत में करीब 45 हजार लोगों की जान गई है. जबकि एक्टिव केस की संख्या 25 लाख तक बढ़ गई है.

1 अप्रैल को भारत में कोरोना का हाल
•    कुल केस: 1,23,02,115
•    कुल मौत: 1,63,428
•    एक्टिव केस: 6,10,929

30 अप्रैल को भारत में कोरोना का हाल
•    कुल केस: 1,87,54,984
•    कुल मौत: 2,08,313
•    एक्टिव केस: 31,64,825

अप्रैल में कोरोना वायरस ने कैसे भारत में तबाही मचाई है, इसकी गवाही आंकड़े ही दे रहे हैं. एक्टिव केसों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होने की वजह से अस्पतालों में बेड्स की किल्लत है. देश की राजधानी दिल्ली जहां देशभर से लोग इलाज करवाने के लिए आते हैं, वो खुद बेड्स, ऑक्सीजन के लिए कराह रही है.

अप्रैल के इसी महीने में देश में एक बार फिर लॉकडाउन का दौर भी लौटा, क्योंकि राज्यों के पास कोरोना की नई लहर रोकने के लिए कोई और रास्ता ही नहीं बचा था. महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने अपने यहां वीकली लॉकडाउन, 15 दिनों की पाबंदी, नाइट कर्फ्यू, कंटेनमेंट जोन जैसे कई कड़े फैसले उठाए.