UP बजट 2021-22 में योगी सरकार ने अपना आखिरी बजट आज पेश किया

UP बजट 2021-22 में योगी सरकार ने अपना आखिरी बजट आज पेश किया

उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस कार्यकाल का अपना आखिरी बजट आज पेश कर दिया। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। बजट का आकार यूपी के अभी तक के इतिहास में सबसे बड़ा 5,50,270 करोड़ रुपए का है। इसके साथ ही पहली बार प्रदेश में पेपरलेस बजट पेश किया गया। पहली ही बार यूपी में ई-कैबिनेट भी बैठी जिसने बजट को मंजूरी दी। अगले साल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र इस बार के बजट में यूपी सरकार ने समाज के सभी वर्गों को खुश करने की कोशिश की। खासकर किसानों के लिए खजाना खोल दिया। 

योगी सरकार ने किसानो के लिए खोला खजाना 

कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर चार महीने से आंदोलित किसानों को खुश करने के लिए योगी सरकार ने उनकी आय दोगुनी करने के लक्ष्‍य के साथ उन्‍हें कई योजनाओं की सौगात दी। वित्‍त मंत्री सुरेश खन्‍ना ने 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्‍य रखते हुए कहा कि इसके लिए नए वित्‍तीय वर्ष में आत्‍मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के लिए बजट में सौ करोड़ रुपए की व्‍यवस्‍था की गई है। इसके साथ ही मुख्‍यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्‍याण योजना के तहत छह सौ करोड़ रुपए की व्‍यवस्‍था बजट की गई है। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा के लिए बजट में सात सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

सरकार ने प्रदेश में किसानों के लिए सस्‍ते लोन की व्‍यवस्‍था भी की है। इसके लिए चार सौ करोड़ रुपए रखे गए हैं। प्रधानमंत्री किसान उर्जा सुरक्षा एवं उत्‍थान महाभियान के तहत अगले वित्‍तीय वर्ष में 15 हजार सोलर पंपों की स्‍थापना का लक्ष्‍य रखा गया है। वित्‍त मंत्री ने बताया कि किसानों के लिए बीमा योजना में बंटाई किसान भी शामिल हैं। किसानों के लिए किए गए प्रयासों का उल्‍लेख करते हुए वित्‍त मंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकार ने गन्‍ना किसानों के 1.23 लाख रुपए का रिकार्ड भुगतान कराया गया है। उन्‍होंने कहा कि दूसरी सरकारों से 27,785 करोड़ रुपए ज्‍यादा गन्‍ना मूल्‍य का भुगतान इस सरकार ने किया।