Google ने Doodle के जरिए मशहूर Actress और Dancer Zohra Sehgal को किया याद

जोहरा सहगल भारतीय सिनेमा ही नहीं बल्कि दुनियाभर में मशहूर एक ऐसी हस्ती हैं जिन्होंने एक्टिंग और डांसिंग में अपना लोहा मनवाया है। जोहरा को 1998 में पद्म श्री 2001 में कालिदास सम्मान और 2010 में पद्म विभूषण से नवाजा गया।

Google ने Doodle के जरिए मशहूर Actress और Dancer Zohra Sehgal को किया याद

Google की खासियत है कि यह किसी खास दिन या व्यक्ति को Doodle के जरिए याद करता है। आज Google Doodle भारत की प्रतिष्ठित अभिनेत्री और नृत्यांगना जोहरा सहगल को समर्पित किया गया है। जोहरा पहली ऐसी भारतीय महिला हैं जिन्होंने अपनी कला और हुनर के दम पर विश्व स्तर पर एक अलग पहचान बनाई है। आज Google ने Doodle के जरिए जोहरा को याद किया है। 

जोहरा सेहगल को याद करने के लिए पेश किया गया Doodle पार्वती पिल्लई द्वारा डिजाइन किया गया है। इस Doodle में जोहरा क्लासिकल डांस करती हुई नजर आ रही हैं। खास बात है कि इस इमेज को देखकर आप आसानी से पहचान जाएंगे कि यह जोहरा सहगल हैं। जोहरा सेहगल में भारतीय सिनेमा में अपनी एक्टिंग और डांसिंग से एक अलग और बेहद ही खास पहचान बनाई है। 

Google Doodle ने अपने ब्लॉग में कहा है, कि आज का Doodle, अतिथि कलाकार पार्वती पिल्लई द्वारा सचित्र है। जो खासतौर पर प्रतिष्ठित भारतीय अभिनेत्री और नृत्यांगना जोहरा सहगल को देश की पहली महिला अभिनेताओं में से एक के रूप में दर्शाता है। जोहरा ने भारत में ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। सहगल के शुरुआती काम में पहली बार फिल्म 'नीचा नगर' (नीच शहर') नोट किया गया था, जो 1946 में इस दिन कान फिल्म समारोह में प्रदर्शित हुई थी। व्यापक रूप से भारतीय सिनेमा की पहली अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सफलता, 'नीचा नगर' ने महोत्सव का सर्वोच्च सम्मानPalme d’Or पुरस्कार जीता।'

Google Doodle के ब्लॉग में बताया गया है कि कि जोहरा सहगल का पूरा नाम साहिबजादी जोहरा बेगम मुमताज-उल्ला खान था और उनका जन्म सहारनपुर में 27 अप्रैल 1912 को हुआ था। उन्होंने 20 के दशक की शुरुआत में जर्मनी के ड्रेसडेन के एक प्रतिष्ठित बैले स्कूल में पढ़ाई की और बाद में भारतीय नृत्य अग्रणी उदय शंकर के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दौरा किया। भारत लौटने के बाद जोहरा 1945 में इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसिएशन के साथ जुड़ी और अभिनय में कई बदलाव किए।

1962 में लंदन जाने के बाद जोहरा सहगल को इंटर्नशिप स्टेज पर पहचान मिली। उन्होंने 'Doctor Who' और 1984 में आई 'The Jewel in the Crown' जैसे ब्रिटिश टेलीविजन में काम किया। जोहरा सहगल को पद्म श्री (1998), कालिदास सम्मान (2001), और पद्म विभूषण (2010) जैसे सम्मान नवाजा गया है।